ढांडा ने कहा कि इस बार केंद्र ने धान का MSP 2389 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन किसानों को मंडियों में 1500 रुपये प्रति क्विंटल पर फसल बेचनी पड़ी. यह सरकार की खुली लूट है, जिसने किसानों को उनकी मेहनत का हक़ देने की बजाय बिचौलियों के हवाले छोड़ दिया है.
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